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नौ महीने पहले हुआ विकास, रखरखाव के अभाव में कचरा हो गए करोड़ों रुपये

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उधमपुर: देविका तट पर बने पार्क के रास्ते में एसआरके बड़ा गड्ढा. - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। देविका परियोजना के तहत देविका घाट के सौंदर्यीकरण पर खर्च हुए करोड़ों रुपये अब कचरे में पड़े नजर आ रहे हैं। नौ महीने पहले प्रशासन ने इस घाट को सुंदर बनाने के लिए करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिसकी हालत अब बेहद खराब है। रास्ते पर गड्ढे हो गए हैं, जगह-जगह घास उगी है, हर जगह कचरा पड़ा है और बनाई गई प्रतिमाएं टूट गई हैं। अंत में रखरखाव के कोई इंतजाम नहीं हैं।
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11.42 करोड़ रुपये में देविका घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हुआ था। इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसका उद्घाटन किया। दिसंबर 2021 में जिला प्रशासन ने घाट की देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी। लेकिन, नगर परिषद के पास इसके रखरखाव के लिए कर्मचारी ही नहीं थे। नगर परिषद ने कुछ लोगों को दिहाड़ी पर लगाकर इसके रखरखाव का प्रयास किया, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। अब इस घाट की हालत बेहद खराब है।
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रख रखाव के लिए हर महीने एक लाख रुपये की जरूरत
नप ने जनवरी 2022 को देविका घाट की देखभाल के लिए हर महीने करीब एक लाख रुपये से अधिक का प्रस्ताव बनाकर डायरेक्टर लोकल बॉडी को भेजा था। इसके रखरखाव के लिए करीब छह गार्ड, तीन माली, एक इलैक्ट्रिशियन, तीन सफाई कर्मचारी और 10 सीसीटीवी लगाने की मांग की। नौ महीने सही तरीके से रखरखाव न होने के कारण घाटों की हालत खराब होने लगी है। पार्क में लगाई मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। घाट के ज्यादातर हिस्सों में गंदगी फैली नजर आती है। घाट में बनाए गए फुटपाथ भी क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया है घाट का सौंदर्यीकरण
देविका परियोजना के तहत केंद्र सरकार ने देविका घाट का सौंदर्यीकरण करवाया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। देविका परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद सरकार का उद्देश्य कटड़ा पहुंचने वाले पर्यटकों को उधमपुर लाकर देविका नदी के इतिहास के बारे में जानकारी देना है। जब पर्यटक देविका को देखने आएं तो देविका घाट पर बैठ कर समय व्यतीत करें।
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देविका घाट पर सफाई नहीं है। सप्ताह में एक या दो ही गंदगी उठाने के लिए सफाई कर्मचारी पहुंचते हैं। हालांकि, जब भी नप के अधिकारियों के सामने परेशानी को रखा जाता है तो मदद के लिए कर्मचारियों को भेज दिया जाता है। लेकिन, जब तक स्थायी कर्मचारी नियुक्त नहीं हो जाते, यह परेशानी बनी रहेगी।
- प्रकाश चंद्र माथुर, स्थानीय
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सरकार ने देविका घाट के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। लेकिन, रखरखाव के अभाव में देविका घाट की हालत खराब है। हर तरफ गंदगी फैली है। अब घाट पर झाड़ियां भी उगने लगी हैं। इससे सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। नप इसका रखरखाव करने में पूरी तरह विफल है।
- महेश बनाथिया, स्थानीय
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देविका घाट शहर की शान है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, जिस प्रकार इसकी हालत है, उसे देख कर शहरवासियों को दुख होता है। हर रोज देविका घाट में स्थित मंदिरों में सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं, और सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण परेशान होते हैं।
- गौरव शर्मा, स्थानीय
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देविका घाट के रखरखाव के लिए डायरेक्टर लोकल बॉडी ने 15 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इससे आने वाले दिनों में ठेकेदारी सिस्टम से करीब सात कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। हर महीने कर्मचारियों के वेतन पर 72 हजार रुपये खर्च होंगे। इनकी नियुक्ति के बाद देविका घाट का रखरखाव सही तरह से होने लगेगा। बाकी की राशि से देविका घाट की मरम्मत के साथ कुंड की सफाई करवाई जाएगी।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर

उधमपुर: देविका तट पर पार्क में ओगी गाड़ियां.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देविका तट पर पड़ी गंदगी के दृश्य.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देविका तट पर बने शौचालयों में लगा है ताला.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देविका तट पर बने स्टैचू हुए क्षतिग्रस्त.- फोटो : UDHAMPUR

प्रकाश चंद्र माथुर- फोटो : UDHAMPUR

महेश बनाथिया- फोटो : UDHAMPUR

गौरव शर्मा- फोटो : UDHAMPUR

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