संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के साथ लगते अम्बिहार गांव के लोगों ने इलाके में राजमार्ग के किनारे शहर से निकलने वाले हजारों टन कचरे को फेंकने की नगर परिषद की तैयारी का कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को क्षेत्रवासियों ने राजमार्ग पर एकत्रित होकर नगर परिषद के खिलाफ रोष जताया और जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि नगर परिषद ने उनके गांव में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे शहर से निकलने वाले कचरे को फेंकने की तैयारी की है। मुनैरा बैगम, रजिया अख्तर सहित अन्य गांववासियों ने कहा कि नगर परिषद ने अम्बिहार में शहर से निकलने वाले हजारों टन कचरे को फेंकने की पूरी तैयारी कर ली है। अगर ऐसा होता है तो पूरा गांव बदबू के कारण परेशान होगा और गंदगी से होने वाले संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद उनके प्राकृतिक जलाशयों का पानी भी इससे दूषित होगा और इससे गांव में कई तरह की अन्य दिक्कतें भी बढ़ जाएंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अम्बिहार में कचरा बिल्कुल भी न डाला जाए और अगर ऐसा किया गया तो वे प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
शहर से निकलने वाले कचरे के निपटान का कोई उचित प्रबंध नहीं
साल 2012 से नगर परिषद के पास कई प्रयासों के बाद भी अब तक शहर से निकलने वाले कचरे के निपटान का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इसके चलते शहर से हर रोज निकलने वाले करीब 35 से 40 टन कचरे को ठिकाने लगाना नगर परिषद के लिए चुनौती बना हुआ है। इस समस्या से नगर परिषद के साथ ही शहरवासी भी परेशान हैं। हालांकि नगर परिषद के पास मांड में ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र लगाने के लिए 90 कनाल जमीन उपलब्ध है।