उधमपुर। आईजीएनसीए सभागार दिल्ली में नव स्थापित डोगरा समाज ट्रस्ट दिल्ली की ओर से आयोजित डोगरी सांस्कृतिक पर्व में बाबा जित्तो नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके उधमपुर के कलाकारों ने मंचित किया। डोगरी लोकनायक बाबा जित्तो की मार्मिक जावन गाथा पर आधारित इस नाटक को नेहरू युवा केंद्र पलतयाड़ (उधमपुर) के कलाकारों ने शानदार अभिनय से जीवंत कर दिया, जिसे देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम में शाम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों डॉ. कर्ण सिंह, पूनम जम्वाल और डॉ. टीडी डोगरा के स्वागत से हुई। आयोजकों ने बताया कि नाटक बाबा जित्तो को पद्मश्री रामनाथ शास्त्री ने लिखा है, सुदेश सुल्तानपुरी ने निर्देशित किया और रवि कुमार द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। इसमें दिखाया गया कि किस तरह बाबा जित्तो के साथ उनके सगे संबंधी जुल्म करते हैं और उसके बाद बाबा बेटी गौरी के साथ घर-गांव छोड़कर किसी दूसरे गांव में चले जाते हैं। लेकिन वहां भी वहां का जागीरदार मेहता वीर सिंह उनके साथ बेईमानी करता है। इस बेईमानी को न सहते हुए सच्चाई और ईमानदारी की खातिर बाबा गेहूं के ढेर पर चढ़कर अपने आप को कटार मार कर प्राण त्याग देते हैं। जब उनकी बेटी गौरी यह बात सुनती है तो वह सदमा बर्दाश्त न करते हुए बावा की जलती हुई चिता में कूदकर अपने प्राण त्याग देती हैं। नाटक में अरुण, विजय, मनोहर, राहुल, रोहित, साहिल, विनय, शितु, सर्वघ्या, सुमित, मीनाक्षी आदि ने शानदार अभिनय किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मशहूर डोगरी व गजल गायक जितेंद्र सिंह जम्वाल व महेश शर्मा ने अहम भूमिका निभाई।