रियासी। ओपन एयर थियेटर में चल रहे रामलीला मंचन के दौरा बुधवार को शबरी और राम संवाद को मंचित किया गया। इसमें शबरी राम के आने के इंतजार में राह ताक रही हैं। रास्ते में फूल बिछाते हुए वहां से हर किसी को गुजरने से मना करती हैं। राम-लक्ष्मण के आने पर वह उन्हें भी मना करती हैं, लेकिन पहचान होने के बाद वह पलकें बिछा देती हैं। जंगल से लाए हुए बेर खट्टे नहीं निकलें, इसलिए उन्हें चखकर राम को देती हैं। बुधवार को रामलीला की शुरुआत सिविल सोसाइटी के प्रधान नंद किशोर शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर करवाई। उनके साथ श्री दुर्गा नाटक मंडली के चेयरमैन सुदेश कुमार पंडोत्रा, प्रधान संजीव खजूरिया और उपप्रधान विकास शर्मा मौजूद रहे। रामलीला में बुधवार को दूसरा दृश्य राम हनुमान मिलन और बाद में राम सुग्रीव मित्रता का हुआ जिसमें सुग्रीव की बातें सुन राम उनको मदद करने का आश्वासन देते हैं। राम सुग्रीव को बाली के साथ युद्ध करने को कहते हैं। सुग्रीव बाली को युद्ध के लिए ललकारता है। सुग्रीव और बाली के बीच युद्ध होता है जिसमें राम छिपकर बाली का वध कर देते हैं।