देश में नकदी राहित लेने देन को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार ने देश के 100 शहरों में डिजिधन मेला का आयोजन करने को मंजूरी दी थी और इसमें से एक शहर उधमपुर को चुना गया। डिजिधन मेला के आयोजन से उधमपुर के संसदीय क्षेत्र को देश के नक्शे पर अलग पहचान मिली है।
पिछले एक महीने से पूरे देश में उधमपुर जिला विकास के प्रोजेक्ट को लेकर सुर्खियों में है। ये बातें शनिवार को मुख्य केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने डिजिधन मेला के कार्यक्रम में कही। इस अवसर वित्त राज्य मंत्री अजय नंदा विशेष मेहमान थे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देविका नदी के लिए 170.50 करोड़ रुपये की मंजूरी, डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन, नए रेडियो स्टेशन की मंजूरी, स्टेडियम के विकास के लिए 10 करोड़ की मंजूरी व अन्य विकास कार्यों की मंजूरी मिलने पर उधमपुर को देश में अलग पहचान मिल चुकी है।
नकदी रहित लेन देन को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य सुविधाओं को बढ़ाना है। इससे पारदर्शिता आएगी और काले धन पर अंकुश लगेगा। 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सरकार गरीबों की सरकार है और आज प्रधानमंत्री ने साबित कर दिया है कि सरकार गरीबों के विकास के लिए काम कर ही है। नकदी रहित लेनदेन और जन धन योजना व अन्य योजनाएं केवल गरीबों के लिए तैयार की गई।
यह भी कहा कि चार राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का एतिहासिक निर्णय लिया। सबने इस पर सवाल खड़े किए, लेकिन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर में भाजपा की जीत ने साबित कर दिया कि सबने प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले का स्वागत किया है।
इस अवसर पर विधायक पवन गुप्ता, विधायक दीना नाथ भगत, नीति आयोग से डा. मनोज सिंह, नेशनल पेमेंट कार्पोरेशन आफ इंडिया से तीरू शर्मा, जेके बैंक के एग्जीक्यूटिव प्रेजिडेंट एसएस सहगल, डीसी नीरज कुमार व अन्य मौजूद थे।