जम्मू से वापस रामबन एंबुलेंस ले जा रहे स्वास्थ्य विभाग के ड्राइवर तिलक राज को अन्य गाड़ी में सवार पुलिसकर्मियों ने पीट दिया। ड्राइवर को नाशरी से लेकर रामबन तक एंबुलेंस में ही बंदी बनाकर रखा। ड्राइवर की एक टांग टूट गई है। पुलिसकर्मी ड्राइवर को कह रहे थे कि उनकी खराब गाड़ी को टोचन करके रामबन तक ले जाया जाए। मना करने पर पुलिसकर्मी भड़के और जबरन अपनी गाड़ी को एंबुलेंस से जोड़ दिया।
चंद्रकोट पुलिस ने एक एएसआई, चार पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस के आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के देर शाम पांचों को छोड़ दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इन कर्मचारियों ने कहा आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सामान्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
वीरवार को जिला अस्पताल से उखराल सड़क हादसे के घायलों को तिलक राज निवासी रामबन जम्मू आया था। जीएमसी अस्पताल में उसे भर्ती कराकर वह वापस रामबन लौट रहा था। नाशरी के पास ही पुलिस रूबी माडल की गाड़ी खराब थी। गाड़ी उधमपुर जिला जेल से वापस श्रीनगर लौट रही थी। श्रीनगर में कोर्ट की तारीख भुगतने के बाद कुछ कैदियों को उधमपुर जिला जेल में छोड़कर पुलिस गाड़ी वापस लौट रही थी।
रास्ते में उनकी गाड़ी खराब हो गई और स्वास्थय विभाग की एंबुलेंस आ गई। एसएचओ चंद्रकोट दलजीत सिंह के अनुसार पुलिसकर्मियों को थाने लाकर देर शाम छोड़ दिया गया। वहीं, तिलक राज का आरोप है कि उसे पूरे रास्ते भर पीटा गया और एंबुलेंस भी पुलिस का ड्राइवर ही चलाकर रामबन पहुंचा। जिला स्वास्थय विभाग कर्मचारी यूनियन के फारूक अहमद, दौलत राम ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।