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पुलिस ने एक दिन में सुलझाया हत्या का मामला

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उधमपुर/पंचैरी। मोंगरी तहसील के लद्दा गांव में हुई हत्या के मामले को पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा दिया। रविवार की सुबह जंगल से जिस व्यक्ति का शव बरामद हुआ था, उसकी पड़ोस के दो सगे भाइयों ने अपनी मां के साथ मिल कर हत्या की और शव को जंगल में फेंक दिया। पुलिस का दावा है कि तीनों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। पुरानी रंजिश व जमीनी विवाद के चलते हत्या की गई।
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गौरतलब है कि रविवार की सुबह लद्दा गांव के जंगल से बोध राज का शव बरामद हुआ था। उसके शरीर पर तेज धार हथियार से किए गए वार के निशान थे। 30 मई की शाम को बोध राज मोंगरी से लद्दा में स्थित अपने पुराने घर पर खेती करने गया था। घर न लौटने पर परिवार के सदस्यों व गांववासियों ने उसकी तलाश शुरू की थी। दो जून की सुबह बोध राज का शव पुराने घर से कुछ दूरी पर स्थित जंगल से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच की तो पाया था कि बोध राज की हत्या की गई है। पुलिस ने जब पुराने घर की जांच की तो वहां से खून के निशान भी पाए थे। जिससे यह साफ हो गया कि उसकी हत्या की गई है। एसएचओ पंचैरी फारूक अहमद ने शुरुआती जांच करने के बाद शक के आधार पर मृतक बोध राज के पड़ोसी बलदेव चंद, शीशपाल चंद और दोनों की मां कौशल्या देवी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इनके साथ दो अन्य लोग भी हिरासत में लिए गए थे। सख्ती से पूछताछ करने में बलदेव चंद, शीशपाल चंद और कौशल्या देवी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि बोध राज के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। तीन महीने पहले बोध राज ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की थी। जब मां को इसका पता चला तो उसने बेटों को बदला लेने के लिए उकसाया। तीनों को जब सूचना मिली कि 30 मई को बोध राज पुराने घर पर आ रहा है तो तीनों घात लगाकर बोध राज के पहुंचने का इंतजार करने लगे। रात करीब साढ़े नौ बजे बोध राज अपने पुराने घर पहुंचा तो दोनों भाइयों ने कुल्हाड़ी व डंडे से उस पर हमला कर दिया। बोध राज की कुछ समय बाद मौत हो गई। एसएचओ फारूक अहमद ने कहा कि तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा दिया है।

इनसेट
जान से मारने का नहीं था मकसद
जांच के दौरान तीनों ने बताया कि वह बोध राज को जान से नहीं मारना चाहते थे। वह सिर्फ मारपीट कर बदला लेना चाहते थे। जब वह पीटाई कर रहे थे तो बोध राज धमकी देने लगा कि अगर वह बच गया तो तीनों को नहीं छोड़ेगा। इसके बाद गुस्से में तीनों ने कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।
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