उधमपुर। एसोसिएटिड जीएमसी पर मरीजों के प्रति इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप एक महिला ने अपने ढाई साल की बच्ची की मौत के बाद लगाया है।
पीड़िता ने बताया कि बच्ची को बुखार था और उसे जीएमसी में भर्ती किया गया था लेकिन रातभर बच्ची दर्द से कराहती रही लेकिन कोई भी डाॅक्टर उसकी जांच करने नहीं पहुंचा। परिजन बार-बार बच्ची की जांच के लिए गुहार लगाते रहे लेकिन इसके बावजूद किसी ने उसे देखने की जहमत नहीं उठाई। इस बीच बच्ची अचेत हो गई और मौके पर मौजूद स्टाफ उन्हें यह कहकर दिलासा देता रहा कि बच्ची सो रही है। महिला ने कहा कि उसकी बच्ची की जान डाॅक्टरों की लापरवाही से गई है। अगर अस्पताल में ठीक से उसकी देखभाल की जाती तो वह इस तरह तड़प-तड़प कर अपनी जान नहीं गंवाती।
गौरतलब है कि जीमएसी उधमपुर में इस तरह के आरोप पहले भी कई बार लगते रहे हैं।
इस संदर्भ में चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संजीव गुप्ता का कहना था कि बच्ची की जीएमसी जम्मू में प्लास्टिक सर्जरी होनी थी लेकिन इससे पहले बुखार आ गया था। इसके चलते उसे जीएमसी उधमपुर में लाया गया था। जांच में डाॅक्टरों ने पाया कि बच्ची के पेट और फेफड़े में इंफेक्शन था और उसे दस्त भी लग रहे थे।
इसकी वजह से देर रात उसकी मौत हो गई। बच्ची की देखभाल कर रहे डाॅक्टरों से भी इस सम्बंध में पूरी जानकारी जुटाई गई है, जिसमें कहीं भी कोई कोताही नहीं हुई है। डाक्टरों द्वारा रात को भी दो से तीन बार बच्ची का चेकअप किया गया था। रात को भी समय-समय पर डाॅक्टर राउंड पर रहते हैं।