रामबन। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 355 के तहत सार्वजनिक स्थान पर दुर्व्यवहार या हंगामा करने पर सामुदायिक सेवा का दंड दिया है। अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी करोल निवासी मुश्ताक अहमद को जिला न्यायालय परिसर में तीन घंटे तक सफाई, झाड़ू-पोछा लगाने के निर्देश दिए। इसी तरह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (मुंसिफ) न्यायालय ने परिंदर सिंह निवासी बाटिया (ऐधवा) को न्यायालय परिसर में तीन घंटे की समान सामुदायिक सेवा की सजा दी। इसके अलावा राज सिंह निवासी मैत्रा (गोविंदपुरा) को सीजेएम न्यायालय ने एक घंटे तक सफाई करने के निर्देश दिए गए। संवाद