उधमपुर। उत्तरी कमान मुख्यालय के कमांड अस्पताल में एनसीसी दिवस के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सरकारी महिला कॉलेज ने एक रक्तदान शिविर लगाया। इसमें जानकारी दी गई कि रक्तदान से दिल का दौरा पड़ने का जोखिम कम होता है और स्मरण शक्ति के साथ ताजगी आती है। शिविर में 30 यूनिट रक्त दान किया गया।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. मोनिका शर्मा ने स्वयंसेवकों को बताया कि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक देश में 30 लाख यूनिट रक्त की कमी है। समस्या का समाधान किया जा सकता है यदि अतिरिक्त दो प्रतिशत भारतीय रक्तदान करते हैं। हमें हर साल 1.2 करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत होती है, लेकिन सिर्फ नौ लाख यूनिट ही दान किया जा रहा है। शिविर का उद्घाटन कमांड अस्पताल के उप कमांडेंट ब्रिगेडियर एसके कौशिक ने किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से असंख्य लोगों की जान बचाई जा सकती है। कई मरीजों और दुर्घटनाओं से पीड़ित लोगों के जीवन को बचाने के लिए रक्त महत्वपूर्ण है। यह समाज और उसमें रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा योगदान है।
शिविर के समन्वयक लेफ्टिनेंट कमल दीप कौर ने कहा कि रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता। यह केवल समाज और मानव जाति को बचाने के लिए उदार दाताओं से प्राप्त होता है। लोगों को आगे आना चाहिए और इस नेक काम के लिए स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। शिविर में दोनों कॉलेजों के स्टाफ सदस्यों के साथ महिला कॉलेज और जीडीसी उधमपुर के एनसीसी स्वयंसेवकों ने 30 यूनिट रक्त दिया। ब्लड सेंटर के स्टाफ सदस्यों ने बताया कि रक्तदान दिल के दौरे के जोखिम को कम करता है। इससे नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं, कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और स्मरण शक्ति व ताजगी बढ़ाती है। मौके पर कैप्टन शिवानी शर्मा, सूबेदार जीवन रमेश, हवलदार अरुण यादव, आदि उपस्थित थे।