संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। बाबा बूढ़ा केदारनाथ में सूर्यदेव भगवान शिव के घुटने के दीदार के लिए पहुंचे और कुछ क्षण ठहरकर वापस चले गए। बाबा बूढ़ा केदारनाथ में कई रहस्य छिपे हैं। एक रहस्य यह है कि हर वर्ष मकर संक्रांति के दिन ही सूर्यदेव बाबा बूढ़ा केदारनाथ में गुफा के अंदर विराजमान भगवान शिव अपने घुटनानुमा आकार में बैठे हैं। यहां सूर्य देव दर्शन करने पहुंचते हैं।
इस बार मकर संक्रांति के दिन सुबह 9:29 बजे सूर्यदेव की किरण बाबा बूढ़ा केदारनाथ में गुफा के भीतर पहुंची और कुछ सेकंड रहकर वापस चली गई। मंदिर कमेटी के महासचिव प्रेम चंद और भानू प्रताप ने बताया कि अलसुबह ही मंदिर के कपाट खुल गए थे। सुबह से ही श्रद्धालु माथा टेकने के लिए पहुंच रहे थे। हर कोई सूर्य की इस किरण को देखने के लिए उतावला था। कुछ को इसके दीदार हुए तो कई लोग इसके दीदार नहीं कर पाए। मगर सुबह 9:29 बजे सूर्य की किरण भगवान शिव के घुटने पर पड़ी।
गुफा के अंदर रोशनी जाने का कोई साधन नहीं है, दिन में भी वहां बल्ब जलता रहता है। मगर साल में यही एक दिन है, जब सूर्य की किरण भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचती है और उसके गवाह वहां मौजूद लोग रहते हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर कमेटी की ओर से लंगर का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।