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बिरमा पुल की मरम्मत के लिए बीआरओ के साथ सेना से संभाला मोर्चा

जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 12:09 AM IST
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उधमपुर। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए बिरमा पुल की मरम्मत का काम रविवार को भी जोरशोर से जारी रहा। शनिवार को बीआरओ के साथ सेना ने भी इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मोर्चा संभाला था। इसके साथ ही बीआरओ ने बिरमा नदी पर वैकल्पिक पूल तैयार करने की कवायद भी शुरू की है। रविवार को दूसरे दिन भी इसपर तेजी के साथ काम को जारी रखा गया।
सेना ने बीआरओ की सहायता करते हुए शनिवार को क्षतिग्रस्त बिरमा पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू बनाने के लिए युद्ध स्तर पर इसकी अस्थाई मरम्मत का काम शुरू किया है, जिससे वाहनों की आवाजाही के लिए जल्द ही सुचारू किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि शनिवार को दोपहर के समय उधमपुर स्थित नार्दर्न कमान मुख्यालय से सैन्य अधिकारी तथा काफी संख्या में जवान पुल की मरम्मत करने के लिए अपने वाहनों में जरूरी साजो सामान के साथ बिरमा ब्रिज पर पंहुचे थे और कार्यस्थल का निरिक्षण करने के फौरन बाद स्टील के गार्डर लगाकर पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया था।

बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने से आम लोगों के साथ ही सैन्य वाहनों की आवाजाही में काफी बाधा आ गई थी। जिसके कारण अधिकतर लोग पैदल ही आरपार जाने के लिए नदी के बीच से होकर गूजर रहे थे। इस बीच वीरवार को पंजाबू नामक एक व्यक्ति की नदी में डूबने से मौत भी हो गई थी। वहीं लगातार बारिश के कारण बीआरओ के लिए भी पुल की मरम्मत का काम कर पाना कठिन हो रहा था। बीआरओ की सहायता के लिए सेना ने मोर्चा संभालते हुए स्टील के गार्डर लगाकर पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को अस्थाई तौर पर मरम्मत करने की योजना बनाई और शनिवार को इसपर युद्ध स्तर पर काम भी शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि बिरमा ब्रिज का एक हिस्सा पिछले साल भी क्षतिग्रस्त हुआ था और अब इस साल भी बरसात की सीजन शुरू होने के बाद पुल का वही हिस्सा फिर से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसकी कुछ दिन पहले बीआरओ ने मरम्मत की थी। लेकिन इसके 24 घंटे के भीतर ही वीरवार को बिरमा पुल का वह हिस्सा फिर से क्षतिग्रस्त होने के साथ ही पुल को ओर भी अधिक क्षति पहुंची है। इससे जिब, गढ़ी, रैंबल, क्रिमची मानसर आदि इलाके के लोगों को भी पेश आ रही परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
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