उधमपुर। अतिक्रमण पर कार्रवाई करने निकली नगर परिषद की टीम ने शुक्रवार को अपने कार्यालय के बाहर ही बखेड़ा खड़ा कर लिया। कार्यालय के बाहर लगी टमाटर की एक रेहड़ी (ठेला) को कब्जे में लेने के चक्कर में रेहड़ी पलट गई और सामान बिखर गया। इससे नाराज रेहड़ी के मालिक ने टीम पर सामान खराब कर नुकसान करने का आरोप लगाया। वहीं, टीम का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। रेहड़ी खुद मालिक ने ही पलटी है।
जानकारी के अनुसार दोपहर को नप की टीम अतिक्रमण पर कार्रवाई करने निकली। जब वह अपने कार्यालय के बाहर पहुंची, तो वहां टमाटर की एक रेहड़ी लगी थी। इसे पकड़ने गए तो बखेड़ा खड़ा हो गया। रेहड़ी के मालिक अंकु कुमार ने बताया कि जब उसने रेहड़ी देने से मना किया तो नप की टीम ने रेहड़ी के सामान को सड़क पर पलट दिया, और रेहड़ी लेकर चले गए। उसकी रेहड़ी को दूसरी बार कब्जे में लिया है, और करीब 10 हजार रुपये का सामान सड़क पर गिरा दिया है। जब रेहड़ी को कब्जे में लेते हैं तो जुर्माने के नाम पर दो से तीन हजार रुपये मांगे जाते हैं।
कहा कि अन्य राज्यों से सैकड़ों लोग बाजार में रेहड़ी लगाते हैं, लेकिन नप व पुलिस इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि, स्थानीय लोगों को बार-बार रेहड़ी लेकर परेशान किया जा रहा है। आज जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा? वहीं, मौके पर मौजूद अन्य रेहड़ी वालों का कहना था कि नप और पुलिस अतिक्रमण के नाम पर उन्हें कई दिनों से परेशान कर रही है। ऐसी कार्रवाई बंद की जाए। कार्रवाई करने वाली इस टीम में नप सीईओ दिलीप अबरोल भी मौजूद थे।
इस बखेड़े के बाद टीम आगे भी कार्रवाई करने गई, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। हंगामे की जानकारी मिलने ही सारे रेहड़ी और फड़ी वाले सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए। नप के हाथ केवल एक ही रेहड़ी लग पाई। उन्होंने रेहड़ी को फिलहाल कब्जे में ही रखा हुआ है।
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रेहड़ी वाले के लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। नगर परिषद की टीम ने देखा कि एक ही व्यक्ति ने चार रेहड़ियां लगा रखी हैं। उसके पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। इसी को लेकर जब कार्रवाई की तो रेहड़ी के मालिक ने विवाद पैदा करने के लिए खुद ही रेहड़ी पलट दी। इससे पहले भी इस रेहड़ी वाले ने इसी तरह से रेहड़ी पलट कर विवाद किया है।
- राजेश सैनी, खिलाफवर्जी इंस्पेक्टर, नगर परिषद