डोडा/किश्तवाड़/भद्रवाह। रविवार मध्यरात्रि को करीब सवा बजे के आसपास डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह में फिर से धरती डोली, जिसके बाद इन जिलों में अफरातफरी मच गई। भद्रवाह में इस बार भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह में आधी रात को जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे, अचानक धरती हिलने से लोग हड़बड़ाकर उठकर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। इन इलाकों में लोगों को भूकंप के झटकों की इतनी आदत सी हो गई है कि कई लोग झटके आने के बाद एक बार तो जग गए, लेकिन फिर तुरंत ही चादर तानकर सो गए। श्रीनगर में भी इसी समय धरती हिली। रिक्टर स्केल पर यहां भूकंप की तीव्रता 5.5 थी, जबकि भूकंप का केंद्र लद्दाख का सीमांत इलाका रहा। भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। पिछले 6 माह में इन इलाकों में लगातार करीब 60 बार भूकंप आ चुके हैं। किश्तवाड़ में इस वर्ष का पहला झटका 30 अप्रैल को आया था। दूसरे दिन जबरदस्त झटका लगने से कई स्कूलों और निजी इमारतों को भारी नुकसान हुआ था। इस आपदा के कुछ लोगों की मौत भी हो गई थी। डोडा में अभी कुछ दिन पहले ही विशेषज्ञों की एक टीम ने पनविजली परियोजनाओं को भूकंप की वजह से इंकार के बावजूद इन इलाकों को भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील बताया था।
अभी टीम के दौरे का एक माह भी नहीं बीता कि फिर से धरती हिल गई। स्थानीय लोगों में भूकंप के बाद खौफ और गहरा गया है।