रियासी (ब्यूरो)। पंचवटी में काट रहे वनवास के दौरान सूर्पणखा द्वारा क्रोधित किए जान पर गुस्से से तिलमिलाए लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने पर रावण ने किसी भी तरीके से राम-लक्ष्मण को सबक सिखाते हुए मामा मारीच के माध्यम से सीता को हरण करने के लिए चाल चली। दिखाए गए पंचवटी के दृश्य में जब सूर्पणखा अपने नाज नखरों से राम-लक्ष्मण को रिझाने की कोशिश करती है और माता सीता के लिए अपशब्द कहने पर लक्ष्मण क्रोधित हो तलवार के साथ उस का नामक काट देते हैं। अपनी कटी हुई नाक को लेकर भाई रावण के सामने सारा रोना रोती है। दोनों दृश्यों में सूर्पणखा बनी निधि द्वारा गाए गए गीतों को काफी पसंद किया गया। इससे पहले ओपन एयर थियेटर की स्टेज पर श्री दुर्गा नाटक मंडली द्वारा भगवान राम को केवट द्वारा गंगा पार करवाए जाने का दृश्य संगीतमय तरीके से दिखाया गया। कलाकार रमेश उपाध्याय ने लगातार तीन भजनों की प्रस्तुति कर लोगों को भक्तिमय समां में बांध दिया। राम की भूमिका अनिल शर्म, सीता की डाली राजपूत, लक्ष्मण की भूमिका नीरज केसर ने निभाई वही रावण की दमदार भूमिका में युवा कलाकार अरुण वर्मा नजर आए।