शोपियां में कश्मीरी पंडितों के घर में लगे ताले
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शोपियां जिले के चौधरी गुंड में 15 अक्तूबर को आतंकियों द्वारा कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट की हत्या के बाद भले ही कश्मीर के राजनीतिक दलों व ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस ने इसकी निंदा की, लेकिन इस घटना के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय में दहशत है। यही कारण है कि चौधरी गुंड गांव से सभी कश्मीरी पंडित परिवार पलायन कर जम्मू चले आए हैं। हालांकि पुलिस के अनुसार ये लोग अक्सर सर्दियों में जम्मू जाते हैं।
श्रीनगर से करीब 55 किलोमीटर दूर शोपियां जिले के चौधरी गुंड गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जो भी कश्मीरी पंडित परिवार यहां आतंकवाद के दौर के बाद रहने आए वे आज जम्मू रवाना हो गए हैं और सभी के घरों पर ताले लटके हुए हैं। सूत्रों के अनुसार गांव में कुल नौ कश्मीरी पंडित परिवार रहते थे। पूरण कृष्ण भट की हत्या के बाद से उनका परिवार जम्मू चला गया था। लेकिन अब जो आठ परिवार बचे थे वे भी यहां से चले गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 46 सदस्य हैं, जो घर छोड़कर चले गए। उनके अनुसार कुछ ने तो अपनी खेती और बागवानी का काम भी अधूरा ही छोड़ दिया है।
एक कश्मीरी पंडित ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि जो परिवार वाले जम्मू पहुंचे हैं, उनका कहना है कि हमारे समुदाय के नागरिक की हत्या के बाद से उनमें डर है। उनका कहना है कि वे फिलहाल जम्मू आए हैं, लेकिन वे जमींदार लोग हैं। उनका खेती और बागवानी के अलावा कोई व्यवसाय नहीं है। आखिर कभी न कभी तो वापस लौटना होगा। फिलहाल सर्दियों में जम्मू रहेंगे और फिर देखेंगे कि हालात कैसे रहते हैं। अगर लगा कि घाटी में माहौल अनुकूल हैं तो लौटना एक मजबूरी है।
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जिले में अभी भी 36 कश्मीरी पंडित परिवार, सर्दियां काटने जाते हैं जम्मू
शोपियां जिले में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के उच्च अधिकारी ने कहा कि यहां से कश्मीरी पंडित परिवार दिवाली मनाने के लिए जम्मू जाते हैं। लेकिन अभी भी जिले में करीब 36 कश्मीरी पंडित परिवार हैं और वे भी सर्दियों में यहां से जाएंगे। ये लोग दो या तीन माह के लिए यहां से जाते ही हैं। जानकारी मिली है कि 36 कश्मीरी पंडित परिवार अभी भी शोपियां में हैं। अधिकारी ने कहा कि उन सबका भी यही कहना है कि सेब का काम खत्म होने के बाद 2-3 महीने के लिए जम्मू चले जाएंगे।
पूरण भट की हत्या के बाद समाज में आक्रोश
बता दें कि पूरण कृष्ण भट की हत्या के बाद समाज में आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने घटना के समय ड्यूटी पर तैनात गार्ड और सभी पुलिस कर्मियों को अटैच कर उनके खिलाफ जांच के निर्देश जारी किए थे। इतना ही नहीं पहली बार कश्मीरी अवाम ने रोष जताते हुए जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के दौर में राज करने वाले अलगाववादियों के एक बड़े गुट ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के राजबाग स्थित कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और उनका बोर्ड भी उतार दिया।
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