श्रीनगर। मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मुहम्मद उमर फारूक ने शुक्रवार को बेमिना पहुंचकर आमिर वानी के पिता मोहम्मद यूसुफ वानी के इंतकाल पर ताजियत की। मोहम्मद यूसुफ वानी का हाल ही में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। मीरवाइज ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और मरहूम की मगफिरत के लिए दुआ की। आमिर वानी कश्मीर के साहित्यिक और शैक्षणिक हलकों में जाना-पहचाना नाम हैं। दर्शन, धर्म, साहित्य और विज्ञान पर उनके लेखों को काफी सराहा जाता है। एनआईटी श्रीनगर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक आमिर कई प्रकाशनों में लिख चुके हैं और क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में व्याख्यान भी दे चुके हैं। मीरवाइज ने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आमिर की हिम्मत और दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने न्याय और समान अवसर के लिए उनकी चल रही लड़ाई का समर्थन किया। जूनियर इंजीनियर की भर्ती को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में चल रही कार्यवाही का जिक्र करते हुए मीरवाइज ने दिव्यांगों के अधिकारों और गरिमा के लिए उनके सैद्धांतिक रुख की तारीफ की। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्याय की जीत होगी। ट्रिब्यूनल ने हाल ही में कहा था कि दिव्यांगता बहिष्कार का आधार नहीं हो सकती। ब्यूरो