भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने लंबरदार के नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में बोनियार के तहसीलदार के कार्यालय में क्लर्क मारेफतुल हक को गिरफ्तार कर लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि एसीबी को शिकायतकर्ता से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया कि उसने तहसील कार्यालय बोनियार में लंबरदार मोहुरा के पद के लिए आवेदन किया था, जिसके लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करने के बाद उसे सफल उम्मीदवार घोषित किया गया था। नियुक्ति आदेश प्राप्त करने के लिए तहसीलदार बोनियार से संपर्क किया।
जब शिकायतकर्ता ने बोनियार तहसीलदार के कार्यालय से संपर्क किया तो संबंधित तहसीलदार ने क्लर्क मारेफतुल हक से संपर्क करने की सलाह दी। इस पर उक्त क्लर्क से संपर्क किया, उक्त क्लर्क ने शुरुआत में शिकायतकर्ता से लंबरदार मोहुरा के रूप में उसका नियुक्ति आदेश तैयार करने और जारी करने के लिए रिश्वत के रूप में 2,000 की मांग की।
अधिकारी ने बताया कि मजबूरी में शिकायतकर्ता ने संबंधित क्लर्क को 2,000 का भुगतान किया, लेकिन कोई नियुक्ति आदेश नहीं दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि वह नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए तहसीलदार के कार्यालय का चक्कर लगाता रहा, लेकिन संबंधित क्लर्क ने नियुक्ति आदेश तैयार करने और जारी करने के लिए शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये और देने की बात शुरू कर दी।
64,500 रुपये के बंडल बरामद, आवास पर ली जा रही तलाशी
इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया। साथ ही रिश्वत मांगने के लिए आरोपी क्लर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस स्टेशन एंटी करप्शन ब्यूरो बारामुला में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस दौरान एक ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसने जाल बिछाया और आरोपी क्लर्क को तहसील कार्यालय बोनियार में शिकायतकर्ता से 10,000 की रिश्वत की मांग करते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
अधिकारी ने बताया कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान 64,500 रुपये के संदिग्ध बंडल भी बरामद किए गए, जिसे जब्त कर लिया गया, क्योंकि वह बरामद धन के स्रोत के बारे में बताने में विफल रहा। चंडीलोरा, टंगमर्ग के साथ-साथ हमदानिया कॉलोनी बेमिना में आरोपी के आवास पर तलाशी ली जा रही है।