कठुआ और सांबा के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश से नदी नाले उफन पड़े। उज्ज दरिया में सुबह आठ बजे पानी के बहाव का पैमाना खतरे के निशान को पार कर 1.48 लाख क्यूसेक्स पहुंच गया।
पर्वतीय इलाकों में पिछले 24 घंटे में तेज बारिश ने कठुआ जिले में कोहराम मचा दिया। बिलावर के किशनपुर में रविवार तड़के बारिश से पहाड़ का हिस्सा दरक गया, जिसकी चपेट में आए मकान में दो बच्चों की दबने से मौत हो गई। मृतकों में पहचान पांच वर्षीय शानू और दो वर्षीय राजीना के रूप में हुई है।
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वहीं, हीरानगर के तरनाह नाले में रविवार तड़के रेत लेने गए तीन लोग ट्रैक्टर समेत बह गए। एक का शव पांच किलोमीटर दूर मिला है। दो लापता लोगों की तलाश की जा रही है। बाढ़ में फंसे 20 लोगों को ऐन मौके पर बचा लिया गया। दरियाई नालों में उफान से कई सड़कें बंद रहीं। वहीं, सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सैन्य क्षेत्र में बारिश के पानी से सेना की ओर से बनाया गया सुरक्षा बांध टूट गया। सोरड़ी इलाके में बनाए गए सुरक्षा बांध का करीब 20 फुट हिस्सा बह जाने से तेज बहाव के साथ पानी खेतों में घुस गया। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कठुआ और सांबा के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश से नदी नाले उफन पड़े। उज्ज दरिया में सुबह आठ बजे पानी के बहाव का पैमाना खतरे के निशान को पार कर 1.48 लाख क्यूसेक्स पहुंच गया। इससे आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गई। सांबा में बसंतर नदी भी उफान पर रही। कठुआ जिले में कई मकानों को नुकसान पहुंचा है।
बिलावर के किशनपुर में दो बच्चों की मौत पर उप राज्यपाल ने दुख जताया है। एलजी ने ट्वीट कर हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण और त्रासद बताया। उन्होंने कठुआ जिला प्रशासन को पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं।