अमरनाथ यात्रा के बीच इस माह आतंकियों ने दूसरी बार सुरक्षा बलों पर हमला किया। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में रविवार को दोपहर बाद आतंकियों ने सीआरपीएफ की नाका पार्टी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शहीद हो गए। एक अन्य राहगीर हो गया। घटना के तत्काल बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया ताकि हमलावरों को मार गिराया जाए। शहीद एएसआई विनोद कुमार उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले के रहने वाले थे।
पुलिस ने बताया कि दोपहर लगभग 2.20 बजे आतंकियों ने गंगू इलाके में तैनात नाका पार्टी को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें मौके पर मौजूद सीआरपीएफ की 182वीं बटालियन के एएसआई विनोद कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। खून से लथपथ होकर वह जमीन पर गिर पड़े।
इस बीच आतंकी जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद मौके से भाग निकले। घायल विनोद को तत्काल पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। क्रॉस फायरिंग में वहां से गुजर रहा मंडूना निवासी नागरिक नजीर अहमद कुचे घायल हो गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी हासिल की। साथ ही उन्होंने जवानों से हमलावरों के विषय में जानकारी ली। पूरे इलाके को घेरकर देर शाम तक तलाशी अभियान चलाया गया। एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि हमलावरों की तलाश में टीमें लगी हैं। जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
इस महीने सुरक्षा बलों पर दो हमले, दो जवान शहीद
अमरनाथ शुरू होने के बाद इस महीने आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर दो बार हमले कर चुके हैं। हमलों में दो जवान शहीद हुए हैं जबकि दो जवान और एक नागरिक घायल भी हुए हैं। 12 जुलाई को श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में पुलिस की नाका पार्टी पर आतंकियों की ओर से की गई फायरिंग पुलिस के एएसआई मुश्ताक अहमद शहीद हो गए।
दो अन्य जवान घायल हुए थे। 17 जुलाई को पुलवामा में नाका पार्टी पर हमले में सीआरपीएफ के एएसआई शहीद हो गए। इसमें एक नागरिक भी घायल हुआ है।