श्रीनगर। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग आतंकी हमले में पुलिसकर्मी की हत्या की निंदा की है। उन्होंने कथित आतंकियों के घरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सामूहिक सजा करार दिया और कहा कि एक लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाई की कोई जगह नहीं है। वीरवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, ड्यूटी के दौरान किसी पुलिस अधिकारी की हत्या निंदनीय कृत्य है। लेकिन इसके जवाब में दो हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लेना और दो कथित आतंकियों के परिवारों के मकानों को ध्वस्त करना पूरे समुदाय को सामूहिक सजा देने जैसा है। अगर केंद्र सरकार खुद यह मानती है कि घाटी में आतंकवाद लगभग शून्य के स्तर पर आ गया है तो उसे आम नागरिकों के खिलाफ जैसे को तैसा का रवैया अपनाने के बजाय अधिक मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। ब्यूरो