श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को एक्स पर कहा कि अमेरिका में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि मुसलमान भारत का अभिन्न अंग हैं लेकिन दिल्ली पुलिस स्टेशन के अंदर दो मुस्लिम महिला पत्रकारों पर कथित हमले के बाद उनकी यह बात एक बार फिर खोखली साबित हुई है। यह मामला अब सिर्फ भीड़ द्वारा गोहत्या के आरोपों में मुसलमानों की लिंचिंग (पीट-पीटकर हत्या) तक सीमित नहीं है। यह उन लोगों के बारे में है जिन्हें नागरिकों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन वे कथित तौर पर अपनी सत्ता का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को पीटने, अपमानित करने और डराने-धमकाने के लिए कर रहे हैं। जब रक्षक ही हमलावर बन जाएं तो डर सिर्फ़ भीड़ से नहीं होता, बल्कि उस डर को सिस्टम की मंजूरी भी मिल जाती है।