श्रीनगर। सरकारी आवास खाली करने के लिए जारी नोटिस मामले में पूर्व वित्त मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने नोटिस को खारिज करते हुए याची पक्ष से कहा कि वे एक सप्ताह में संपदा विभाग के निदेशक के समक्ष अपना पक्ष रखें। संपदा विभाग और इस मामले के लिए गठित कमेटी याची पक्ष की दलीलों की समीक्षा करने के बाद अनुशंसा करेगी। दो माह में इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत पूरा किया जाएगा।
न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और न्यायाधीश मोहम्मद अकरम चौधरी की खंडपीठ ने पाया कि छह अप्रैल 2016 को नोटिस जारी किया गया था, जबकि इस नोटिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि 31 मार्च 2016 को सरकार ने कमेटी गठित कर इस तरह के मामलों की जांच करने को कहा था। बाद में 23 मार्च 2018 को आदेश जारी कर सरकारी बंगले के लिए याची को अधिकृत कर दिया गया। इन तमाम पहलुओं को देखने के बाद नोटिस खारिज किया जाता है। अब याची को एक सप्ताह में अपना पक्ष रखना होगा, जिसके बाद कमेटी के सदस्य सचिव 31 अगस्त 2022 तक इस पर अपना फैसला लेंगे। कमेटी अपनी अनुशंसा सरकार को सौंपेगी जिसके बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। सरकार के इस फैसले तक याची से सरकारी आवास खाली नहीं करवाया जाएगा।