श्रीनगर। यहां दरबार पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद बंधी थी कि सचिवालय में मंत्री और अफसर आसानी से उपलब्ध होंगे। उनकी समस्याएं भी जल्द हो जाएंगी। लेकिन यहां इसके विपरीत हालात हैं। पहले तो लोगों को सचिवालय के अंदर पहुंचने में ही पसीने छूट जाते हैं। जैसे-तैसे अंदर पहुंच भी गए तो मंत्री और अफसरों से मुलाकात नहीं हो पा रही है। इससे आम जनता के सामान्य काम भी लटके हुए हैं। सचिवालय में मंत्री और अफसरों से आम जनता के मुलाकात का समय दोपहर 12.30 से 1 बजे निर्धारित है। सुरक्षाकर्मी आम लोगों को एक निर्धारित संख्या में सचिवालय के अंदर भेजते हैं, ताकि अंदर भीड़ नहीं हो। आम लोगों की शिकायत है कि वे सचिवालय के अंदर नहीं पहुंच पाते हैं। इस वजह से मंत्री और अफसरों से मुलाकात नहीं हो पा रही है। सचिवालय के अंदर मंत्री अधिकतर समय अपने चैंबर में रहते हैं। कर्मचारी पूछने पर कहते हैं कि मंत्री वीआईपी के साथ मीटिंग में व्यस्त हैं। लोग घंटों इंतजार के बाद निराश मन से लौट जाते हैं। अफसर अपनी सीट से नदारद रहते हैं। कर्मचारी फाइलों में उलझे रहते हैं। आम आदमी से बात करने का किसी के पास समय नहीं होता है। लोगों का कहना है कि सामान्य काम भी कई सप्ताह तक नहीं हो रहा है। अब्दुल अहद सुबह सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक सचिवालय के अंदर पहुंचने की कोशिश करते रहे। फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिली। वे तीन घंटे तक भीषण गर्मी में सचिवालय के बाहर खड़े रहे। मुश्ताक अहमद बांडीपूरा से जाकिर अहमद खान जम्मू से सचिवालय में अपने काम से आए हैं। वे चार दिन से सचिवालय के चक्कर काट रहे हैं। उनकी संबंधित मंत्री से मुलाकात नहीं हो पा रही है।