श्रीनगर। केंद्र सरकार जेएंडके में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है, ताकि श्रीनगर की प्राकृतिक खूबसूरती देखने विश्व भर से पर्यटक आएं। यह बात केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा. के चिरंजीवी ने मंगलवार को एसकेआईसीसी में कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट आनर्स फेडरेशन तथा कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही। इससे पहले कश्मीर घाटी में इस बार बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने को सुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए कश्मीर के लोगों को बधाई दी है। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सीजन के दौरान 13 लाख के करीब पर्यटक कश्मीर में आ चुके हैं और पर्यटकों का पहुंचना अभी रुका नहीं है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल देश के अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां कोई ताजमहल अथवा लालकिला नहीं है। प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने तथा तीर्थ स्थलों के दर्शन करने के लिए लोग यहां आते हैं। उन्होंने पर्यटक उद्योग से जुडे़ लोगों के साहस की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने राज्य में और बढ़िया होटल बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया दिया। सीएम का कहना था की गुलमर्ग, पहलगाम जैसे खूबसूरतों स्थलों में निर्माण कार्य करते समय वहां की प्राकृतिक सौंदर्यता से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कश्मीर घाटी की दरगाहों को विकसित करने की जरूरत पर बल दिया। राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह पर लाखों पर्यटक प्रति वर्ष आते हैं, जिनमें कई विदेशी होते हैं। उन्होंने माता वैष्णो देवी तथा अमरनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि गत वर्ष सवा करोड़ के करीब श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए आए, जबकि छह लाख श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए यहां पहुंचे। केंद्रीय पर्यटन मंत्री डा. के चिरंजीवी ने इस मौके पर कहा कि केंद्रीय पर्यटन विभाग जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राज्य में सौ प्रोजेक्टों के लिए 367.66 करोड़ राशि मंजूर की है, जबकि 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत उक्त धनराशि में बढ़ोतरी की है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 28 गांवों की निशानदेही की गई है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की सरकार द्वारा कोशिशें हो रही हैं।