श्रीनगर। नशे की लत को समाज और समाज के अंदर रहने वाली तहजीबों के लिए सबसे बड़ा खतरा आंकते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह लत आतंकवाद से खतरनाक है। मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि वे बच्चों को नशीले पदार्थों से बचाएं। उन्होंने कहा कि कुछ गुंडा समाज नशीली दवाओं की बच्चों में आदत डाल कर उन्हें अपने फायदों के लिए इस्तेमाल करता है। उन्होंने कहा कि यह समाज का सबसे बड़ा अपराध है। इसलिए हमें मिल कर इसका मुकाबला करना होगा। नेशनल कमीशन आफ प्रोटक्शन आफ ह्यूमन राइटस की ओर से आयोजित प्रोग्राम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी और निजी संस्थाओं को मिल कर ऐसे तत्वों का मुकाबला करना चाहिए, जो ऐसे खतरनाक कार्यों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे कार्यों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं और नशीली दवाओं में फंसे व्यक्तियों को बाहर निकालने के लिए तमाम कदम उठाए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को खुल कर आगे आने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हालात ने यहां के बच्चों पर बहुत खतरनाक असर डाला है, जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई, सेहत और सामाजिक जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हुई है। सरकार की कोशिश है कि वह हालात को बेहतर बनाने के लिए बेहतर कदम उठाए और जल्द ही अपने मकसद को हासिल करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने की जरूरत है। इसके लिए भी सरकार प्रयासरत है और स्कूलों के ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। और सकुलों में बचियों की संख्यिां बढ सकै उस के लिए भी कारय किया जा रहा हैयही नहीं लड़कियों को भी ज्यादा से ज्यादा शिक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी यानी बच्चों के हित में केंद्र और राज्य सरकार नई योजनाएं लागू करने पर विचार कर रही हैं। इस मौके पर विधानसभा के स्पीकर मोहम्मद अकबर लोन और सोशल वेलफेयर मंत्री सकीना इट्टू भी मौजूद थीं।