चंद दूरी पर एक परिवार की खुशियां सिमटी हुई हैं। ये खुशियां चंद फासलों पर हैं, लेकिन खुशियों के आगे सरहदी दीवारें अपने से मिलाने में नासूर बन रही हैं। सरहद पार मचे कतले आम के छिटों से आरएसपुरा का एक परिवार भी सहम उठा है।
परिवार पाकिस्तान की जेल में बंद अपने जिगर के टुकड़े की सलामती के लिए दुआ कर रहा हैं। आंखों में सपने हैं, तो माथे पर उसकी फिक्र की सिकन। दिल बस एक ही बात कहता है, हे भगवान! मेरे जिगर के टुकड़े को सलामत रखना।
पाकिस्तान की जेल में एक के बाद एक तीन भारतीय नागरिकों को मारे जाने के बाद आरएसपुरा का एक परिवार भी सहम उठा है। परिवार का लाल तीन साल पहले आरएस पुरा सेक्टर से सीमा पर कर पाकिस्तान चला गया था। पाकिस्तान की जेल में कैद सोहन सिंह की सलामती के लिए अब उसका परिवार दुआएं कर रहा है।
किए गए कई प्रयत्न लेकिन...
- फोटो : Amar Ujala
सोहन की पत्नी सुखजिंद्र कौर बताती हैं कि सोहन को वापिस लाने के लिए बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तानी रेंजर्स से बात की, लेकिन पाकिस्तान के कोर्ट में मामला होने पर ये प्रयास विफल रहा। इसके बाद पीडीपी नेता और पूर्व सांसद तरलोक बाजवा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोह सिंह से बात की थी, लेकिन पाकिस्तान की ओर से सोहन को वापिस नहीं किया गया।
रेशानी का सबब लगातार मौत
सोहन के पिता गारू राम बताते हैं कि उन्हें बेटे की सलामती की फिक्र सता रही है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के सर्वजीत सिंह, अखनूर का चमेल सिंह और अब पंजाब के कृपाल सिंह को मार दिया गया है। सोहन की दो बेटियां भी हैं, जिन्हें भी अपने पिता की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि तीन साल हो गए हैं उन्हें अपने बेटे के बारे में कोई खबर नहीं मिली है।
मानसिक रूप से ग्रस्त है सोहन
सोहन राज्य पुलिस में एसपीओ की नोकरी कर रहा था। एक बार पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला के आरएस पुरा दौरे के दौरान सोहन ने वर्दी में होने पर भारत माता के नारे लगा दिए थे। जिसके बाद उसको पुलिस से सस्पेंड कर दिया गया था।