जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी विश्व प्रसिद्ध डल और नगीन झील में पर्यटकों की सुविधा के लिए हाउसबोटों की रेटिंग जारी करेगी। प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने डल झील नीति लागू करने के लिए कानूनी ढांचे पर चर्चा करने के अलावा डल और नगीन झीलों में हाउसबोट के पंजीकरण, नवीनीकरण और संचालन के लिए नीति और दिशानिर्देशों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया।
हाउसबोटों के निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगी समिति
यह समिति संरचनात्मक सुरक्षा, आग के खतरे, सीवेज और अपशिष्ट निपटान सहित सभी निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए हाउसबोट के निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगी। पंजीकरण, नवीनीकरण के लिए हाउसबोट के सभी दस्तावेजों की जांच करना भी अनिवार्य होगी।
अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करवाया जाएगा
समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि हाउसबोट मालिक द्वारा अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं। इसके अलावा ठोस और तरल कचरे के लिए कार्यात्मक सीवेज उपचार प्रणाली काम कर रही है कि नहीं।
हाउस बोटों का वर्गीकरण होगा
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधा के लिए सुविधाओं और सेवा की गुणवत्ता के आधार पर हाउसबोट की रेटिंग प्रणाली शुरू करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेटिंग प्रणाली के तहत अधिकारी हाउसबोट का निरीक्षण कर उनका वर्गीकरण करेंगे और मासिक रेटिंग प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे सभी अधिकारी
इस बैठक में प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग मनोज कुमार द्विवेदी, पर्यटन सचिव सरमद हफीज, जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण उपाध्यक्ष और निदेशक पर्यटन कश्मीर शामिल हुए। जबकि आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता ने वर्चुअल रूप से भाग लिया।