जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में कई सरकारी स्कूलों के भवनों की हालत इतनी खस्ता है विद्यार्थियों को खुले में पढ़ाई करना मजबूरी है। कुछ स्कूलों में कमरों की छतें गिरने की कगार पर हैं जो किसी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
कोटरंका सब डिवीजन के बड्डाल क्षेत्र में गर्ल्स मिडिल स्कूल की हालत सिर्फ एक बानगी भर है। स्कूल के कमरों की छत पर पड़ी लोही की चादरें जंग लगने से इतनी खराब हो चुकी हैं कि बारिश का सारा पानी कमरों में आ जाता है। बारिश के दिनों में स्कूल में छुट्टी कर दी जाती है।
सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है। कमरों के अंदर से आसमान दिखता है। स्कूल भवन की खस्ता हालत पर अभिभावकों ने सोमवार को रोष व्यक्त किया है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की यह हालत कई साल से है। शिक्षा विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
स्कूल में विद्यार्थियों को सिर छिपाने तक के लिए जगह नहीं है। भाजपा के ठाकुर गुरुदेव सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को स्कूल की हालत पर गौर करना चाहिए। जब विद्यार्थियों के लिए बैठने तक की सुविधा नहीं होगी तो उनकी पढ़ाई कैसे अच्छी हो सकेगी।
स्कूल की खस्ता हालत के बारे में सीईओ ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए इस मामले को उच्च अधिकारियों के उठाया जाएगा। इस पर अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्कूल भवन की मरम्मत नहीं करवाई गई तो वह लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।