सैन्य वर्दी का आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जिले में खुलेआम सैन्य वर्दी की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले एसएसपी राजोरी ने जिला मजिस्ट्रेट को लिखित में अवगत करवाया था कि जिले में कई दुकानदार खुलेआम सैन्य वर्दियों को बेचने का काम कर रहे हैं।
एसएसपी ने कुछ दिन पहले पठानकोट में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए जिला मजिस्ट्रेट से सैन्य वर्दियों की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी।
जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट एवं डीसी राजोरी शब्बीर अहमद बट्ट ने निर्देश जारी कर जिले भर में सैन्य वर्दियों की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में केवल उन दुकानदारों को सैन्य वर्दियां व अन्य सामान बेचने की अनुमति देने की बात कही है जिनका नाम रजिस्टर्ड है।
रजिस्टर्ड दुकानदारों को भी जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए हैं कि वह सैन्य वर्दियां व अन्य सामान बेचने का पूरा रिकार्ड बनाएं।
दुकानदार एक रजिस्टर बनाए और सैन्य वर्दियां खरीदने वाले का पूरा नाम, पता, फोन नंबर उस में दर्ज करें। इसके इलावा सैन्य वर्दी का कपड़ा खरीदने व बेचने का भी पूरा रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज करें।
कभी भी कोई भी पुलिस अधिकारी उनका रजिस्टर की जांच कर सकता है। इतना ही नहीं रजिस्टर्ड दुकानदार हर 15 दिन के बाद अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में पहुंच कर अपने रजिस्टर की जांच करवाएं।
वहीं जिला मजिस्ट्रेट ने विभिन्न क्षेत्रों के एसडीएम, एसडीपीओ, एसएचओ, तहसीलदारों को भी कड़े निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में निर्देश को लागू करवाएं और यदि कोई उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।