राजोरी। प्रबंधन अध्ययन विभाग और सेंटर फॉर हॉस्पिटेलिटी एंड टूरिज्म बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय राजोरी ने संयुक्त रूप से जीवन कौशल और मानसिक क्षमताओं पर तीन दिवसीय कार्यशाला करवाई। वीसी प्रो. अकबर मसूद ने कार्यशाला के लिए दल के प्रयासों की सराहना की। कहा कि लगातार बदलते परिवेश में जीवन कौशल होना रोजमर्रा की जिंदगी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होने का एक अनिवार्य हिस्सा है। आधुनिक जीवन की बढ़ती गति और परिवर्तन से निपटने के लिए छात्रों को नए जीवन कौशल सीखने की जरूरत है, जैसे कि तनाव और निराशा से निपटने की क्षमता और सोचने और समस्या को हल करने के नए तरीके खोजने की जरूरत है। स्कूल के डीन प्रो. इकबाल परवेज ने ने कहा कि इस प्रकार से इस कार्यशाला का मुख्य फोकस छात्रों और उभरते पेशेवरों के बीच इस तरह के जीवन कौशल को विकसित करने पर एक असाधारण जोर देना था। कार्यशाला में समस्या समाधान और महत्वपूर्ण सोच, संचार कौशल, निर्णय लेने, रचनात्मक सोच, पारस्परिक संबंध, आत्म जागरूकता, टीम निर्माण और सहानुभूति सहित विभिन्न जीवन कौशल पर ध्यान केंद्रित करने वाली विभिन्न कक्षा गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यशाला में एमबीए, बीबीए के छात्रों ने भाग लिया। आकांक्षा के नेतृत्व वाली टीम ने सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार जीता। शमीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी का पुरस्कार जीता। कार्यशाला का संचालन डॉ. परवेज अब्दुल्ला, डॉ. दानिश इकबाल, डॉ. कफील अहमद, डॉ. जतिंदर कुमार, डा.ॅ विनय कुमार ने किया।