औचक निरीक्षण में बड़ी कमियां सामने आने के बाद सीईओ राजोेरी ने रोका वेतन, स्पष्टीकरण मांगा
राजोरी। चीफ एजुकेशन ऑफिसर (सीईओ) ने दो शिक्षकोें को निलंबित कर 11 स्कूलों के स्टाफ के वेतन पर रोक लगा दी है। साथ ही 34 स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई पूरे जिले में हुए निरीक्षण के बाद की गई है। इसमें मिड-डे मील स्कीम के लागू होने और एकेडमिक परफॉर्मेंस में गंभीर कमियां सामने आई है।
सीईओ राजोेरी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सीनियर अधिकारियों की एक टीम ने वीरवार को 200 स्कूलों में अचानक निरीक्षण किया ताकि समय की पाबंदी, काम के माहौल और पका हुआ मिड-डे मील परोसे जाने का आकलन किया जा सके। जांच में पता चला कि 34 स्कूल जारी मेन्यू के अनुसार मिड-डे मील परोसने में फेल रहे जिससे नियमों के पालन और छात्रों के कल्याण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा 11 स्कूलों का एकेडमिक परफॉर्मेंस खराब रहा। खास बात यह है कि इनमें से सात स्कूल नियमों के अनुसार मिड-डे मील परोसने में भी फेल रहे जबकि 2 स्कूलों में तो खाना बिल्कुल भी नहीं बनाया गया था।
एक और गंभीर उल्लंघन में सीईओ के अनुसार दो शिक्षक फरनाज कौसर प्राइमरी स्कूल धारा पठाना और मोहम्मद अल्ताफ प्राइमरी स्कूल नाम्बल कल्याण स्कूल में अपनी हाजिरी लगाकर स्कूल से गायब हो गए। दोनों को सीईओ ने निलंबित कर दिया है। सीईओ ने संबंधित ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर को बिना बताए अटेंडेंस मार्क करने के बाद स्कूल छोड़ देने पर निलंबित कर दिया है। दोनों शिक्षकोें को निलंबित करने के साथ हाई स्कूल लोअर भंगाई और हाई स्कूल कल्लर से अटैच किया गया है।
इसके अलावा 11 एकेडमिक रूप से कमजोर स्कूलों के सभी मास्टरोें और शिक्षकोें की दिसंबर 2025 की सैलरी पर रोक लगा दी है। जब तक कि एकेडमिक्स और मिड-डे मील लागू करने में ठोस सुधार नहीं हो जाता। इसके अलावा 34 स्कूलों के सभी स्टाफ को अपने-अपने जेडईओ के जरिए दो दिनों के अंदर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। सीईओ ने चेतावनी दी है कि आगे कोई भी लापरवाही होने पर बिना किसी और नोटिस के, नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।