राजोरी। सीआरपीएफ बुद्धल कैंप के दक्षिण-पश्चिम में स्थित कंगूटा गांव के वार्ड आठ में भूस्खलन से चार आवासीय घर पूरी तरह नष्ट हो गए। सीआरपीएफ बुद्धल की 237 बटालियन की ने तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया।
प्रभावित घर काला खान, बरकत अली, मोहम्मद चंदिया और मोहम्मद अल्ताफ के थे। भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ, घरेलू संपत्ति और खाद्यान्न नष्ट हो गए। सौभाग्य से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, लगभग 30 लोग इस आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं।
संकट की सूचना मिलने पर स्थिति का आकलन करने के लिए सीआरपीएफ के मानवरहित हवाई प्रणालियों को तैनात किया गया। खराब मौसम, दुर्गम इलाके और कम दृश्यता के बावजूद, सीआरपीएफ कर्मियों ने रात्रि बचाव अभियान शुरू किया। टट्टुओं पर राहत सामग्री लादकर टीम पीर पंजाल पर्वतमाला के खड़ी जंगली पगडंडियों से होते हुए घटनास्थल तक 4-5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके पहुंची।
सीआरपीएफ टीम ने खतरनाक मलबा हटाया, पीड़ितों और उनके पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और पॉलीथिन शीट से अस्थायी आश्रय स्थल बनाए। प्रभावित परिवारों में चावल, आटा, दालें, नमक, तेल, आलू और प्याज सहित चार दिनों के लिए पर्याप्त आवश्यक दवाइयां और आपातकालीन राशन वितरित किया गया।
सीआरपीएफ के समय पर हस्तक्षेप ने न केवल निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि एक दुर्गम क्षेत्र में तत्काल राहत भी प्रदान की। सीआरपीएफ ने एक बार फिर दुर्गम और चुनौतीपूर्ण इलाकों में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया और ज़रूरत के समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा।