राजोेरी। जिले के उपमंडल कोटरंका के स्मोट गांव स्थित न्यू टाइप प्राइमरी हेल्थ सेंटर (एनटीपीएचसी) पिछले 10 साल से एक भी स्थायी डॉक्टर के बिना काम कर रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यह स्वास्थ्य सुविधा केवल नाम मात्र की है। यहां बुनियादी चिकित्सा सेवाएं भी नहीं हैं। मोहम्मद इरशाद, नसीर अहमद और फारूक लोन ने उचित स्वास्थ्य सेवा की कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी 20 से 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। आपात स्थिति में कई मरीजों की मौत तक हो जाती है। लोगों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, राजोेरी के डीसी और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्मोट स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और सहायक चिकित्सा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। लाेगों ने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वह विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। संवाद