शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को शुरू हुई बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रही। सुबह करीब दस बजे शुरू हुई तेज बारिश दो घंटे तक होती रही। उसके बाद फिर से सूर्य की किरणों ने थोड़ी देर के लिए धूप बिखेरी। दोपहर बाद फिर से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। रुक-रुक कर बारिश होने और कभी आसमान साफ होने का सिलसिला शाम तक जारी था। बारिश होने व पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने से ठिठुरन भी बढ़ गई।
जिले के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार जिले की बुद्धल, दरहाल, थन्नामंडी व कोटरंका तहसीलों में तेज व मूसलाधार बारिश के साथ ओले गिरने से जनजीवन बुरी तारह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के साथ ओले गिरने से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के भी समचार मिले हैं। मुगल रोड स्थित कई जगहों पर और ऊंचे पहाड़ों पर भी बर्फबारी का सिलसिला समाचार लिखे जाने तक जारी था।
रविवार को बारिश से पुंछ मेंढर मार्ग पर स्थित गांव दरा नाले में बाढ़ से रास्ता बह गया। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क एवं भवन निर्माण विभाग द्वारा समय पर इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण पानी के तेज बहाव में रास्ता बह गया है।