राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने मेडिकल कॉलेज एवं एसोसिएटेड अस्पताल के नशामुक्ति केंद्र में सेवाओं के विस्तार के प्रस्ताव पर चर्चा की। इसे अंतिम रूप देने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक की।
बैठक में बताया गया कि ओपीडी के आधार पर जीएमसी और एएच में दस बिस्तरों वाला नशा मुक्ति केंद्र कार्यरत है। वर्तमान में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चलाया जा रहा है। उपायुक्त ने एक समिति का गठन किया, जिसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट शामिल हैं। जो यह आकलन करने और रिपोर्ट करने के लिए कि क्या नशामुक्ति केंद्र जीएमसी की मौजूदा स्थापना आईपीडी के आधार पर बुनियादी ढांचे में वृद्धि के साथ चलाई जा सकती है। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।
डीसी ने कहा कि प्रशासन युवाओं को अपने दम पर खड़े होने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर काम कर रहा है। डीसी ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के सभी पहलुओं की निगरानी करने का भी निर्देश दिया, जिसमें समस्या की सीमा का आकलन, निवारक कार्रवाई, सूचना का प्रसार और जन जागरूकता शामिल है। उन्होंने राजोेरी को नशा मुक्त जिला बनाने के लिए जन सहयोग भी मांगा। बैठक में सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, एसीडी, विजय कुमार, एसीपी अब्दुल राशिद कोहली, एमएस डीएच डॉ. महमूद, वकील अहमद भट्ट, डीओ एनआरएलएम जावेद उल सोफी, प्रशासक ओएससी नीतू शर्मा और अन्य मौजूद रहे।