राजोरी। उपायुक्त राजेश के. शवन ने बुधवार को बैठक कर अधिकारियों के साथ जिले में जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण, जल निकायों के संरक्षण, पौधरोपण अभियान और जल संरक्षण प्रकोष्ठ के गठन से संबंधित मामलों पर विचार विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जल प्रकृति की अमूल्य देन है। इसके संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक को प्रयास करने चाहिए। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे जल संरक्षण के संदेश को जनता विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक फैलाएं। क्योंकि पानी की कमी के समय सबसे अधिक महिलाएं प्रभावित होती हैं। उपायुक्त ने मुख्य लेखा अधिकारी को दो दिन के भीतर उपायुक्त कार्यालय में विशेष रूप से महिलाओं के लिए विशेष जल संरक्षण प्रकोष्ठ स्थापित करने और 20 महिलाओं को सेल के नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने का निर्देश दिया। दो सप्ताह के भीतर महिला सरपंचों, पंचों और सभी महिला कर्मचारियों सहित अधिकतम महिलाओं का पंजीकरण करने के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले में 600 नए हैंडपंप लगाने का निर्णय लिया है। इसे डीडीसी सदस्यों और बीडीसी अध्यक्षों के परामर्श से स्थापित किया जाएगा। पुराने हैंडपंपों की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है, जिले में अब तक कई हैंडपंपों की मरम्मत की जा चुकी है। अधिकारियों को ग्रामवार सर्वेक्षण करने और जल संसाधनों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। ताकि उनकी मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य किया जा सके। जल संसाधनों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सहायक आयुक्त विकास को जिले में जल संरक्षण से संबंधित 5000 कार्यों की पहचान कर चिह्नित कर उन पर तत्काल कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है।