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बंग्लादेश के ढाका में सड़क हादसे में घायल राजोरी के डॉक्टर की 6 महीने बाद मौत

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ढाका में सड़क हादसे में घायल राजोरी के एमबीबीएस छात्र की छह माह बाद मौत
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भारत सरकार विशेष विमान से उपचार के लिया लाई थी दिल्ली, जीएमसी राजोरी में चल रहा था उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। शहर के वार्ड-12 निवासी शोएब लोन पुत्र असलम लोन बांग्लादेश के ढाका में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। 3 जून को वह अपने घर लौट रहे थे। इस बीच ढाका में सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद उन्हें विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। दिल्ली के एम्स में उनका उपचार शुरू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान जब उनकी हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें दिल्ली से डिस्चार्ज कर जीएमसी राजोरी में भर्ती किया गया। जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई।
शोएब लोन के परिजनों ने बताया कि ढाका में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इसी साल 3 जून को ढाका से राजोरी आ रहे थे। करीब 10 दिन तक ढाका में उपचार के बाद जब उनकी हालत में कुछ सुधार नहीं आया और वो कोमा में चले गए, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना से मुलाकात कर शोएब को दिल्ली लाने के लिए अपील की गई थी। रवींद्र रैना के हस्तक्षेप के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष विमान से शोएब लोन को दिल्ली लाया गया, और एम्स में उपचार के लिए भर्ती किया गया। करीब पांच माह उपचार के बाद भी जब उनकी हालत में सुधार नहीं आया तो उन्हें दिल्ली से लाकर राजोरी के जीएमसी में भर्ती किया गया। सोमवार को उपचार के दौरान शोएब लोन की मौत हो गई। डॉ. शोएब की मौत की खबर से उनके परिवार में मातम छा गया है।
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चार दिन से लापता सरानू के रंजीत का नहीं लगा सुराग
बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राजोरी-कालाकोट सड़क मार्ग स्थित सरानू क्षेत्र के रंजीत कुमार (27) पुत्र नाथराम करीब 4 दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। उनका अभी तक सुराग नहीं मिला है, जबकि उनकी तलाशी के लिए बड़े पैमाने पर अभियान जारी है।
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पुलिस के अनुसार चार दिन पहले रंजीत कुमार घर से किसी काम के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं पहुंचे। परिजनों ने पुलिस में उनकी गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस के मुताबिक कुछ स्थानीय लोगों ने स्थानीय नाले के किनारे रंजीत कुमार के कपड़े, मोबाइल जूते पड़े देखे थे, जिसके बाद नाले में उनकी तलाश शुरू की गई। तलाशी अभियान में सोमवार को सेना, एसडीआरएफ और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन रंजीत का सुराग नहीं मिला। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ नाले के अलावा आसपास के स्थानों पर चप्पा-चप्पा खंगाल रही है। सेना ने रंजीत की तलाश के लिए शनिप्पर डॉग्स का भी प्रयोग किया। बताया जा रहा है कि करीब तीन साल पहले रंजीत की शादी हुई थी, लेकिन डेढ़ साल बाद उसका तलाक हो गया। तब से वो परेशान रहने लगा था। वहीं सेना, पुलिस और एसडीआरएफ का संयुक्त सर्च ऑपरेशन समाचार लिखे जाने तक जारी था।
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