परिजनों का सड़क पर प्रदर्शन, प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के कालाकोट उपमंडल के मोगला क्षेत्र के गांव जुंगरियाल में सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद के बीच एक स्थानीय व्यक्ति ग्रेफ श्रमिक की मौत हो गई। इससे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक की पहचान बलदेव राज (58) पुत्र लखी राम निवासी गांव जुंगरियाल, तहसील तरयाठ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बलदेव राज की शुक्रवार देर रात अपने घर में ब्रेन स्ट्रोक हुआ और उसे जम्मू ले गए जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले ग्रेफ विभाग और राजस्व विभाग की टीम मोगला क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के निरीक्षण के लिए पहुंची थी। इस दौरान बलदेव राज ने अधिकारियों से अपील की थी कि सड़क निर्माण कार्य को थोड़ा आगे या पीछे किया जाए।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार मौके पर ग्रेफ विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी और नायब तहसीलदार भी मौजूद थे। इसी दौरान बलदेव राज और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि नायब तहसीलदार ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन को जबरन अधिग्रहित किया जाएगा और मकान को भी हटाया जाएगा। इसके बाद से बलदेव राज मानसिक तनाव और अवसाद में चल रहा था तथा पिछले तीन दिनों से उसकी तबीयत भी खराब बताई जा रही थी।
शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे जम्मू ले गए जहां उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह मृतक के परिजन और आसपास के गांवों के लगभग 300 से 400 लोगों ने मोगला पुल के पास शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने तऱयाठ -कालाकोट मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। बाद में करीब 11:45 बजे ग्रेफ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ओआईसी ग्रेफ अमित कुमार, एडीसी कालाकोट तथा एसएचओ धर्मसाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
प्रशासन और ग्रेफ अधिकारियों की ओर से मृतक परिवार की मांगों पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया गया कि बलदेव राज के परिवार के तीन पुरुष सदस्यों को ग्रेफ में भुगतान आधारित श्रमिक के तौर पर काम दिया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब 1 बजे सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद तरयाठ-कालाकोट मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोग सड़क चौड़ीकरण कार्य में प्रभावित परिवारों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार की मांग कर रहे हैं।