बड्डाल में लोग जानकारी देते हुए। संवाद
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राजोरी। जिले के कोटरंका सब डिवीजन के बड्डाल गांव में संदिग्ध बीमारी से सोमवार सुबह जीएमसी जम्मू में दम तोड़ने वाले 2 सगे भाईयों और जीएमसी राजोरी में दम तोड़ने वाले दादा को मंगलवार को नम आंखों से सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। इस दौरान लोगों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो दिन में मौतों का कारण पता नहीं चला तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि 40 दिनों में 10 मासूम बच्चों समेत 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन अभी तक मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वरिष्ठ समाज सेवी ठाकुर सुरजीत सिंह ने इन मौतों को हत्या के एंगल से जांच करने की मांग करते हुए कहा कि यह किसी की सोची समझी साज़िश हो सकती है। प्रशासन सिर्फ सैंपलिंग के नाम पर टाइम पास कर रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 2 दिनों मे सच सामने नहीं आया और पुलिस ने जांच शुरू नहीं की तो हम लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर मौजूद पूर्व सरपंच मोहम्मद फारूक ने सरकार और प्रशासन पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। कहा कि 13 लोगों की मौत के पीछे कारणों का पता नहीं चल रहा और मौतों का सिलसिला भी नहीं थम रहा। पुलिस को इसमें जांच करनी चाहिए। इसके लिए एसआईटी गठित करनी होगी। यदि दो दिन में ऐसा नहीं किया गया तो बढ़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। वहीं, जीएमसी राजोरी पहुंचे बड्डाल के कुछ अन्य युवाओं ने भी इन 13 मौतों के पीछे पुलिस की जांच को प्राथमिक देने और विशेष टीम गठित करने की मांग की है।