राजोरी। सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा खां में एक शिक्षक दो दशक से स्कूल नहीं आया। कुछ महीने ही हाजिरी दी। इसके बाद अपनी अटैचमेंट दूसरी जगह करवा ली। इसके चलते स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव के लोगों ने शिक्षक को स्कूल में वापस भेजने की मांग की है।
सरकार ने कई साल पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षकोें की कमी दूर करने के लिए रेहबर ए तालीम (आरईटी) के तहत शिक्षक नियुक्त किए थे। सरकार ने नियम बनाया था कि 5 साल तक आरईटी के तहत एक ही स्कूल में सेवा देने के बाद ही शिक्षक को स्थायी किया जाएगा, लेकिन राजोरी जिले के पीड़ी शिक्षा जोन के अंतर्गत आने वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल मोड़ा खा में वर्ष 2004 में एक शिक्षक जहांगीर अब्बास को आरईटी के तहत थर्ड टीचर नियुक्त किया गया था। हैरानी ये है कि वह पिछले 2 दशक में मात्र कुछ महीने ही स्कूल में हाजिर रहा और उसके बाद कहीं और अटैचमेंट करवा ली।
गांव के नंबरदार शैल सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूल में 77 बच्चे हैं और उनको बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए तीन शिक्षक नियुक्त किए गए थे। उनमें से 2 शिक्षक तो दैनिक आधार पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन एक शिक्षक है जो काफी समय से कहीं और अटैच है और इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं स्कूल में तैनात शिक्षक रतन सिंह ने बताया कि स्कूल में 77 बच्चे हैं और 2 ही शिक्षक हैं। एक शिक्षक को किसी न किसी काम से कभी जेडईओ कार्यालय या कहीं और भी जाना पड़ता है। इसके बाद एक शिक्षक 5 कक्षाओं के 77 बच्चों को कैसे पढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होती है।
शिक्षक जल्द स्कूल में ज्वाइन करेगा : जेडईओ
सीईओ राजोेरी बिशंबर दास ने बताया कि मामला जब उनके संज्ञान मे आया था तो उन्होंने जेडईओ पीड़ी को निर्देश दिए थे कि उक्त शिक्षक को वापस उसी स्कूल में भेजा जाए जहां उसकी नियुक्ति हुई थी।
इस संबंध में जब जेडईओ पीड़ी नजर हुसैन से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि उक्त शिक्षक को नीड बेस पर मोड़ा खा से हटा कर सरकारी मिडल स्कूल सवाड़ी नंबर एक में लगाया गया था, क्योंकि सवाड़ी नंबर एक में 160 बच्चों को पढ़ाने के लिए 2 ही शिक्षक थे। जेडईओ ने बताया कि लोगों द्वारा आपत्ति जताने के बाद उसे फिर से मोड़ा खां के प्राइमरी स्कूल में भेज दिया गया है। वह जल्द ड्यूटी ज्वाइन करेगा।