राजोरी शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले सरकारी प्राइमरी स्कूल काई बिंडी के पूरे स्टाफ के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल ढांगरी के प्रिंसिपल को शिकायत मिली थी कि उक्त स्कूल में दोपहर को ताले लटक रहे हैं।
प्रिंसिपल ने तत्काल अपने स्कूल के अधिकारी को स्कूल का दौरा कर जांच करने के निर्देश दिए। अधिकारी स्कूल पहुंचा तो पाया कि स्कूल में दो शिक्षक हाजिर थे।
विभिन्न कक्षाओं के अटेंडेंस की जांच करने पर पाया कि स्कूल में 49 विद्यार्थी हाजिर हैं, लेकिन हैरानी उस समय हुई जब स्कूल में एक भी विद्यार्थी नजर नहीं आया और सभी कक्षाएं खाली मिलीं।
स्कूल का मिड डेल मील का रिकार्ड खंगालने पर मालूम हुआ कि उस दिन स्कूल में सभी 49 बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया गया था और बच्चों को खाना खिलाया गया था। इस प्रकार से मिड डे मील बना कर बच्चों को खिलाना पर एक भी बच्चे का स्कूल में हाजिर नहीं होना शिक्षा अधिकारी को हजम नहीं हुआ।
अधिकारी ने स्कूल के हेडमास्टर को निर्देश जारी किए कि वह पूरे रिकार्ड के साथ स्कूल के प्रिंसिपल से मिलें और लिखित में जवाब दें कि बच्चे स्कूल में क्यों नहीं थे और मिड डे मील किस को दिया गया।
समय पूरा होने के बाद भी हेडमास्टर ने तो कोई जवाब दिया और न ही रिकार्ड पेश किया। इस प्रकार से लापरवाही बरतने का कड़ा संज्ञान लेते हुए स्कूल के पूरे स्टाफ के वेतन पर रोक लगा दी है।
प्रिंसिपल ने जेडईओ को निर्देश जारी किए हैं कि वह सभी शिक्षकों का वतन अगले निर्देश तक जारी न करें। इतना ही नहीं प्रिंसिपल ने सीईओ राजोरी को भी रिपोर्ट पेश कर शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।