विभाग की ओर से गांवों में टाइलें बिछाने, पक्के रास्तों का निर्माण, जमीन का समतलीकरण और सड़क संपर्क सुधारने जैसे कार्य करवाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना है।
विकास कार्यों से ग्रामीणों को अपने गांवों में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को दिहाड़ी पर काम मिल रहा है। इससे उन्हें रोजगार की तलाश में अपने घरों और गांवों से दूर नहीं जाना पड़ रहा है। पहले कई लोगों को परिवार का खर्च चलाने के लिए दूसरे क्षेत्रों में काम तलाशना पड़ता था।
इन परियोजनाओं से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों को जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी हो रही है। ग्रामीण विकास विभाग विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न योजनाओं के तहत इन कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।
आपदा प्रबंधन को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम
इस बीच बुधवार को राजोरी में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें सरकारी स्नातकोत्तर कॉलेज के विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। एसडीआरएफ कर्मियों ने बाढ़ प्रबंधन, जीवन रक्षक तकनीकों और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का प्रशिक्षण दिया ताकि आपदा के समय लोग प्रभावी ढंग से मदद कर सकें।