नौशेरा। छह फरवरी 1948 को पाकिस्तान के कबायलियों ने नौशेरा पर हमला कर दिया। टीओआर की पिकेट पोस्ट पर तीन बार हमला बोला गया, लेकिन दुश्मन के तीनों हमलों को नायक जदुनाथ सिंह अपनी टोली के साथ दुश्मनों पर टूट पड़े। नाइक जदुनाथ सिंह व उनके साथियों ने बहादुरी व साहस से दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। जदुनाथ सिंह के सिर व छाती पर गोली लगी, जिससे वह घायल अवस्था में भी लड़ते रहे। कबायलियों को भारत की भूमि से खदेड़ा। प्राणों की आहुति देकर नौशेरा को आजाद कराया। मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। संवाद