संवाद न्यूज़ एजेंसी
राजौरी । ज़िले के कोटरनका सब डिवीज़न में रविवार की रात को हुई भारी ओलावृष्टि के कारण मक्का की फसल और फल नष्ट हो गए। जानकारी के अनुसार कोटरंका के मोहरा, दराज, जगलानू, हुब्बी, कंडी, तरगई , और कई अन्य क्षेत्रों सहित कोटरंका क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण जहाँ एक तरफ कुछ समय पहले लगाई गई मक्का की फ़सल को नुकसान पोहंचा है तो वहीँ दूसरी और गेंहू और सरसों की फसल को भी क्षति पुहंची है। वही पीड़ित किसानों ने गुहार लगते हुए कहा की प्रशासन नुक्सान का तत्काल आकलन करे और मुआवज़ा प्रदान करे। वहीँ स्थानीय सरपंच मुनीर मिर्ज़ा ने मांग करते हुए कहा कि कोटरंका में फसलों और फलों के पेड़ों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और किसान संकट में हैं। सरकार को नुकसान के तत्काल आकलन और मुआवजे के अनुदान के लिए टीमों को भेजना चाहिए। सरपंच ke अनुसार उक्त इलाको मै किसानों के पास अपने परिवार का पेट पालने के लिए एक मात्र सहारा फसले होती हैँ और इस बार फसलों को नुक़सानन पोहचने से किसान लोग सड़को पर आ गए हैँ। एक तरफ कोरोना के डर के चलते लॉकडाउन से गरीब व मज़दूर लोग बड़े पैमाने पर बेरोज़गार हो गए हैँ और ऊपर से फसलों के नुकसान ने लोगो कि कमर तोड़ दी है। उन्होंने जिला प्रशासन और उप राज्यपाल से अपील करते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द नुकसान का आकलन करे और बिना समय गंवाए मुआवज़ा प्रदान करें। वहीँ स्थानीय पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री चौधरी ज़ुल्फ़कार ने जिला प्रशासन और सरकार से तत्काल मदद की मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द किसानों के नुक्सान की बरपाई की जाये ताकि गरीब के बच्चे भूख से न मरें।