पिछले वर्ष सितंबर माह में आई बाढ़ और मूसलाधार बारिश से जिलेभर में पीएचई की पाइपों को भारी नुकसान पहुंचा था। बड़ी संख्या में लोगों के मकान भी ढह गए थे। एक वर्ष में सरकार ने मरम्मत करवाने के लिए करोड़ों रुपये देने के बाद भी कई जगहों पर पीएचई की सप्लाई लाइन की मरम्मत नहीं हो पाई है।
ऐसा ही एक गांव मंजाकोट तहसील का कोटली भी है, जहां एक वर्ष बीत जाने के बाद लोगों को पीएचई सप्लाई से पानी नहीं मिल रहा है। गुस्साए लोगों ने पीएचई विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए जल्द क्षतिग्रस्त हुई पाइपों की मरम्मत कर सप्लाई को सुचारु बनाने की गुहार लगाई है।
स्थानीय निवासी रशीद अहमद, रियाज चौधरी आदि ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि एक वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीएचई विभाग पेयजल सप्लाई को सुचारु नहीं करवा पाया है। एक वर्ष से लोग घरों से कोसों दूर बने प्राकृतिक स्रोतों से पेयजल ला रहे हैं।
सुबह हो या शाम, गर्मी हो या सर्दी, घरों से दूर पेयजल लाने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। कई बार पीएचई विभाग के एक्सईएन और जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। हर बार फंड के अभाव का बहाना बनाकर मामले को टाल दिया जाता रहा है।
गुस्साए लोगों ने पीएचई विभाग तथा प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पाइपों की मरम्मत कर सप्लाई को बहाल नहीं किया गया तो लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।