राजोरी। जिले के मंजाकोट इलाके में वीरवार को एक बस सड़क पर पलट जाने से उसमें सवार 19 यात्री घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल राजोरी पहुंचाया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वीडियो कोच बस जेके02 बीएल 1547 पुंछ से जम्मू की ओर जा रही थी। मंजाकोट के नियाली इलाके में सामने से आ रहे एक वाहन को रास्ता देते समय बस चालक संतुलन खो बैठा और बस सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। इस हादसे में बस में सवार 19 यात्री घायल हो गए। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को बस में से निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार कर रहे डॉक्टरों के अनुसार जिला अस्पताल में भर्ती घायलों में मोहम्मद मारूफ, दीप कुमार, पलवान शाह, आबिद हुसैन, वाहिदा कोसर, मोहम्मद कबीर, मनीषा बेगम, रुबीना कोसर, मोहम्मद समर, तबस्सुम, सफीना कोसर, मोहम्मद शकील, आदित्य कुमार, रीता देवी, ज्योति देवी, सज्जाद अहमद, गुलनाज कोसर, मोहम्मद साजिद, जोगिंदर सिंह और आदिल के नाम शामिल हैं। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। देर शाम तक सभी की हालत स्थिर बनी हुई थी।
एक माह में दूर होगी डॉक्टरों की कमी
मंजाकोट सड़क हादसे के घायलों से मिलने पहुंचे राज्यपाल के सलाहकार ने दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
राजोरी। राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार ने वीरवार को राजोरी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि एक माह में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर कर लिया जाएगा। राजोरी दौरे के दौरान वे मंजाकोट सड़क हादसे के घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि जिले के दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को दरबदर होना पड़ता है। मंजाकोट नियंत्रण रेखा से सटा इलाका है। यहां के बहुत सारे गांव नियंत्रण रेखा के बहुत पास हैं। उन गांवों में पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल होने पर घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाना पड़ता है। मामूली सी बीमारी के लिए भी मरीजों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में डॉक्टरों के कई पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतों को देखते हुए जल्द से जल्द डॉक्टरों की कमी को दूर किया जाएगा।
उन्होंने डाक्टरों की कमी की राज्यव्यापी समस्या का स्थायी समाधान करने का आश्वासन दिया। सलाहकार ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी प्राथमिकता में पूरी की जाएगी। नए डॉक्टरों की प्रशिक्षण अवधि चल रही है। एक महीने के बाद उनकी नियुक्ति कर समस्या का समाधान किया जाएगा। गौरतलब है कि राजोरी जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों, विशेष रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की भारी कमी है। ऐसे में अक्सर घायलों या बीमार लोगों को जीएमसी जम्मू रेफर करना पड़ता है।