राजोरी। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) कंडी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को कंडी (कोटरंका) स्वास्थ्य ब्लॉक के तहत जमोला पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों, डॉक्टर को धमकाने और धमकी देने के लिए तीन भाइयों (सभी सरकारी कर्मचारियों) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है। आरोपियों में से एक ने 15 अप्रैल को सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी पोस्ट किया है। इसमें उसे स्टाफ, डॉक्टर से बहस करते और गाली देते देखा जा सकता है। पंचायत सदस्यों सहित स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बचाव में आए थे और कड़े प्रयास के बाद मामले को शांत किया था।
घटना के बाद डॉ. इकबाल मलिक बीएमओ कंडी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त और मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर मामले की सूचना दी और तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जानकरी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों ने आरोप लगाया था कि विभाग 10 वर्ष से डॉक्टरों के स्वीकृत दो पदों को भरने में विफल रहा है। एनआरएच स्कीम के तहत नियुक्त एक डॉ. को एक अन्य स्वास्थ्य केंद्र में अटैच कर रखा है। वे तीनों डॉक्टरों को नियुक्त करने और स्वास्थ्य केंद्र में उनके रात को रुकने की मांग कर रहे थे। वहीं बीएमओ ने बताया कि रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था की है। अन्य संस्थानों के एक डॉ. को जमोला पीएचसी में मरीजों को देखने के लिए रोटेशन आधार पर लगा रखा है।
दूसरी ओर बीएमओ ने बताया कि तीनों सगे भाइयों जिनमें से एक आईटीबीपी का जवान मोहम्मद असलम और दो अन्य सरकारी शिक्षक मोहम्मद अकरम और मोहम्मद मुश्ताक का एक परिजन पीएचसी के सामने दवा की दुकान चला रहा है। वो डॉक्टरों को मजबूर कर रहे हैं। मरीजों को उनकी दुकान से दवाइयां खरीदने के लिए सलाह दें और डॉ. वही दवा लिखे जो उनकी दुकान में उपलब्ध हो।
बीएमओ के अनुसार इससे पहले भी एक बार उन्होंने अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण करने का प्रयास किया था, लेकिन स्टाफ के सदस्यों ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया था। इतना ही नहीं अतीत में उन्होंने डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों को अस्पताल मे बंद कर दिया था और मांग कि थी कि आंतरिक व्यवस्था पर तैनात डॉक्टर को रात को वहां रोका जाये। वहीँ बीएमओ ने ये भी आरोप लगाया कि मोहम्मद असलम ने स्थानीय लोगों को कोविड -19 टीकाकरण के लिए नहीं जाने के लिए भी उकसाया है।
बीएमओ ने यह भी दावा किया कि सरपंच सहित अन्य पंचायत सदस्यों ने भी पुष्टि की है कि तीनों भाई आदतन परेशान करने वाले हैं और
सरकारी काम में बाधा डालने और अड़चन पैदा करने मर आगे रहते है। वहीँ बीएमओ डॉ मालिक ने जमोला पीएचसी में कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने छेड़छाड़ करने में शामिल तीनों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।