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Rajouri News: दादर कलासरा में पहली बार पहुंची बस, खुशी से झूमे लोग

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-भारत-पाकिस्तान सीमा के अंतिम गांव की महिलाओं ने आरती उतारकर किया स्वागत, युवा ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे
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-रोजाना सुबह 7 बजे दादल कलासरा से जम्मू जाएगी, दोपहर 12 बजे जम्मू से वापस चलेगी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। भारत-पाकिस्तान सीमा पर नाह पंचायत का अंतिम गांव दादर कलासरा बस सेवा से जुड़ गया है। पहली बार गांव में बस पहुंचने पर सरकारी बस पहुंची तो गांववाले खुशी से झूम उठे। युवा ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे और गाकर ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। हर चेहरा मुस्कान से खिल उठा। बस रोजाना सुबह 7 बजे दादल कलासरा से जम्मू जाएगी और दोपहर 12 बजे जम्मू से सुंदरबनी दादल कलासरा आएगी।
उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने रविवार को इस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। गांव की सड़कों पर पहली बार बस के पहिये चले तो पूरे गांव ने राहत की सांस ली। बुजुर्गों की आंखों में खुशी के आंसू थे, युवाओं में जोश और बच्चों में उत्साह था। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आरती उतारकर बस का स्वागत किया। लोग कहने लगे, आज हमारे गांव में असली आजादी आई है। इस अभूतपूर्व पहल के लिए ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। लोगों ने कहा कि सरकार ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद नहीं थी। वर्षों से घुटनों का दर्द झेलने वाले बुजुर्ग, स्कूल तक पैदल जाने वाले बच्चे और मरीज जो अस्पताल तक पहुंचने को मोहताज थे, सभी को उम्मीद की नई राह मिली है।
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यह सिर्फ बस नहीं, विकास की शुरुआत
गांववासी कमलेश कुमारी व चंचल देवी ने कहा ये सिर्फ बस नहीं, विकास की शुरुआत है। यह सेवा अब सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ेगी। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की सीधी पहुंच बनेगी। आज सीमांत गांव में सिर्फ बस नहीं आई एक नई सुबह आई है।
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