सेना और पुलिस ने करमाडा गांव में किया नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। करमाडा गांव के युवक हमारी गोलियों का शिकार होने के लिए नहीं बने हैं। हमें मिल कर इन्हें बचाना होगा। यह कहना है पुंछ में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित करमाडा क्षेत्र में तैनात सेना की सरला बटालियन के कमांडिंग अधिकारी का, जो मंगलवार को गांव के सरकारी हाई स्कूल में सेना और पुलिस की तरफ से आयोजित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आह्वान किया कि युवाओं को नशा तस्करी जैसे कार्यों में संलिप्त होने से रोकें।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले करमाडा क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के उस पार से नशे की खेप लेकर लौटते समय गांव का एक युवक पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल हो गया था। इसके बाद सेना एवं पुलिस ने गांव के युवाओं को नशा तस्करी से दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के हेडमास्टर मोहम्मद सदीक कोहली ने की, जबकि सेना की सरला बटालियन के कमांडिंग अधिकारी और एसएसपी पुंछ विनय शर्मा मुख्यातिथि रहे। कमांडिंग अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं यहां के युवक खेलों में, शिक्षा में आगे बढ़ें। लेकिन, नशा तस्करी के मामलों में क्षेत्र के युवाओं के जुड़े होने के मामले आना चिंता का विषय है। इन युवाओं को गांव के बड़े लोग, शिक्षक मिल कर रोक सकते हैं।
एसएसपी ने युवाओं और ग्रामीणों का आह्वान किया कि वह क्षेत्र में दुश्मन की साजिश का शिकार होकर नशा तस्करी से जुड़ने वाले युवाओं को सही रास्ते पर लगाएं। गलत काम का नजीता गलत ही होता है, जो सामने है। स्कूल के प्रिंसिपल जावेद ने कहा कि कुछ महीनों से नारको आतंकवाद के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को पाकिस्तान की साजिश के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करना सराहनीय है। तीन दिन पहले ही क्षेत्र में नशा तस्करी के प्रयास में एक स्थानीय युवक नियंत्रण रेखा पर सेना की गोलीबारी में घायल हो गया था। वह आज भी जम्मू के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।